Bhadantacharya Buddhadatta Pali Promotion Foundation

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Monday, 7 September 2020

On September 07, 2020 by Bhadantacharya Buddhadatta Pali Promotion Foundation   No comments

 एहि पस्सिको 

                          ... "विस्स-पालि-गारव-दिवस" ...

                                 17 सितम्बर, 2020

                   के उपलक्ष्य में आयोजित द्विदिवसीया 

                                ऑनलाईन पालि संगोष्ठी

                                        -: विषय :- 

                        देवमित्त अनागारिक धम्मपाल का 

               पालि और बौद्ध विद्या के संवर्धन में योगदान

                                              ---

                                   17-18 सितंबर, 2020

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श्रीलंका के कोलंबों में डॉन केरोलिस हेवावितारण (पिता) और मल्लिका धर्मागुणवर्धने (माता) के घर में 17 सितंबर 1864 को डॉन डेविड का जन्म हुआ, जो बाद में अपने कार्यों से देवमित्त अनागारिक धम्मपाल नाम से लोक-विख्यात हुआ। डेविड के पिता एक प्रसिद्ध व्यापारी थे, तो स्वाभाविक था उनकी शिक्षा-दीक्षा अंग्रेजी मिशनरी स्कूलों में हुई। यूरोपीय रहन-सहन और शिक्षा उन्हें ज्यादा दिन तक बांध नहीं पाई। 1883 में श्रीलंका में अंग्रेज कैथोलिकों की भीड़ ने एक बौद्ध जुलूस पर हमला किया, तो धर्मपाल ने मिशनरी स्कूल छोड़ दिया और बौद्ध धर्म के प्रति उनका झुकाव बढ गया। उसी वर्ष थियोसोफिकल सोसायटी के संस्थापक कर्नल हेनरी स्टील ओल्कोट और मैडम ब्लावत्स्की श्रीलंका पहुंचे और हमले में घायल हुए बौद्धों की ओर से मुकदमा दायर किया। श्रीलंका में बौद्ध पुनरुत्थान के पुनीत कार्य को देखकर धर्मपाल भी थियोसोफिकल सोसायटी के सदस्य बन गए।

उन्होंने तत्कालीन भदंत हिक्कडुवे श्रीसुमंगल महाथेर से पालि भाषा की शिक्षा ली और बौद्ध धर्म ग्रहण किया। पालि भाषा को गहराई से जानकर उन्होंने बौद्ध विद्याओं और धम्म की बारीकियों को समझा तथा अपना एक  नया नाम दिया अनागारिक और यहीं से आरम्भ होती है - अनागारिक धर्मपाल जी की धम्मयात्रा जो काल-कवलित और पौराणिक गप्प कथाओं में कल्पना बना दिए गए तथागत बुद्ध की तथता को पुनः ऐतिहासिक स्वरूप देने की और भारत में पुनः बौद्ध धर्म की स्थापना की थी।

जनवरी 1891 को अनागारिक धम्मपाल जी भारत आए और बोधगया के महाबोधि महाविहार की दुर्दशा को देखकर उनकी आंखों से अश्रुओं की अविरल धारा बहने लगी। इस दुर्दशा को देखकर उनके चित्त में जो बोधि उत्पन्न हुई कि मैं अपना जीवन लगा दूंगा किन्तु महाबोधि महाविहार को उसकी भव्यता लौटा के रहूँगा। अनागारिक धर्मपाल जी ने जापान, बर्मा, श्रीलंका के बौद्धों को कई पत्र लिखे महाबोधि महाविहार के संरक्षण के लिए। 31 मई 1891 को कोलम्बो में उन्होंने महाबोधि महाविहार के साथ-साथ भारत के अन्य बौद्ध स्थलों के पुनरुद्धार और पुजारियों से मुक्ति के लिए महाबोधि सोसायटी का निर्माण किया जिसके अध्यक्ष 13वें परम पावन दलाई लामा जी बनाए गए। 

महाबोधि महाविहार के बाहर अनागारिक धम्मपाल  जी ने महाबोधि सोसायटी की शाखा स्थापित की जिसके माध्यम से न केवल बोधगया अपितु नालन्दा, राजगृह, सारनाथ आदि के महाविहारों और स्तूपों की मुक्ति का संघर्ष किया गया। महाबोधि सोसायटी की ओर से अनागारिक धर्मपाल जी ने एक सिविल याचिका दायर की जिसमें मांग की गई थी की महाबोधि महाविहार और दूसरे अन्य तीन प्रसिध्द बौद्ध-स्थलों कुशीनगर, सारनाथ और नालन्दा को बौद्धों को हस्तांतरित किया जाये। अनागारिक धर्मपाल जी की तरफ से यह केस आशुतोष मुखर्जी ने लड़ा था। धीरे-धीरे महाबोधि महाविहार के प्रबंधन में बौद्धों को रखा जाने लगा, किन्तु आज भी उस समिति में आधे हिन्दू और आधे बौद्ध होते हैं तथा अध्यक्ष गया का जिला कलेक्टर होता है जो अमूमन बौद्धेतर ही होता है।

1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित की गई विश्व धर्म संसद में अनागारिक धर्मपाल जी ने बौद्धों का प्रतिनिधित्व किया। इन्हीं के प्रयासों से हिन्दू धर्म पर विचार रखने के लिए स्वामी विवेकानन्द जी को भी समय दिया गया। अपने जीवन के अंतिम समय तक अनागारिक धर्मपाल जी ने श्रीलंका सहित दुनिया के अनेक देशों में पालि एवं बौद्ध विद्या के संवर्धन हेतु स्कूलों, अस्पतालों और बौद्ध विहारों का निर्माण करवाया।

13 जुलाई 1931 में अनागारिक धर्मपाल जी ने सामणेर (श्रामणेर) के रूप में प्रव्रज्या ली और 16 जनवरी 1933 को उपसंपदा हुई और वे भिक्खु बने तथा उनका नाम देवमित्त धम्मपाल हुआ। सन् 1933 में 29 अप्रैल को  69 वर्ष की आयु में सारनाथ में परिनिब्बुत हुए। उनकी अस्थियाँ सारनाथ के मूलगंध कुटी विहार में ही पत्थर के एक छोटे स्तूप में स्थापित की गई हैं।

पालि भाषा और बौद्ध विद्याओं सहित धम्म के पुनर्जागरण में उनके महान्  योगदान को देखते हुए हम भारतवासी उनके जन्म दिनांक 17 सितम्बर को “विस्स पालि गारव दिवस” के रूप में मनाते हैं। इस साल कोरोना के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हम गूगल मीट के माध्यम से एक राष्ट्रीय संगोष्ठी 17-18 सितम्बर, 2020 को आयोजित कर रहे हैं जिसका विषय “अनागारिक धम्मपाल का पालि और बौद्ध विद्या के संवर्धन में योगदान” निश्चित किया है। आप भी नीचे दिए गए विभिन्न उपविषयों और मुख्य विषय को ध्यान में रखकर अपने पूर्ण शोधपत्र, सारसहित 10 सितम्बर तक prafullgadpal@gmail.com  अथवा vikas.sing.gautam@gmail.com पर भेज सकते हैं। 

आपके शोधलेखों को पुस्तकाकार रूप में प्रकाशित किया जायेगा।

उपविषय: -

1. जॉन डेविड से देवमित्त अनागारिक धम्मपाल तक की यात्रा

2. अनागारिक धम्मपाल जी का पालि के प्रति उमड़ता प्रेम

3. पालि भाषा के द्वारा श्रीलंका में बौद्ध पुनर्जागरण आंदोलन

4. अनागारिक धम्मपाल जी द्वारा पालि एवं बौद्ध विद्या के संवर्धन में योगदान

5.  अनागारिक धम्मपाल द्वारा भारत में बौद्ध पुनर्जागरण आंदोलन का आरम्भ

6. शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में बौद्ध पक्षकार अनागारिक धम्मपाल

7. बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर और अनागारिक धम्मपाल 

8. अनागारिक धम्मपाल के समकालीन पालि विद्वानों का उनके प्रति नजरिया 

9. श्रीलंका और भारत के वैदेशिक संबंध और अनागारिक धम्मपाल

10. थेरवाद और महायान पर अनागारिक धम्मपाल जी के विचार

11. अनागारिक धम्मपाल जी की विदेश यात्राएं

12. अन्य कोई भी विषय जो अनागारिक धम्मपाल जी तथा आधुनिक पालि से संबंधित हो।

कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तथा Google Meet की लिंक आपको यथाकाल अवगत करा दी जायेगी।

                                                                       संयोजक एवं आपके पालिमित्र 

                    -डॉ. प्रफुल्ल गड़पाल (81264 85505)

                          -डॉ. विकास सिंह (97115 7933)

                    -आयु. सुगत शान्तेय (95610 83358)







On September 07, 2020 by Bhadantacharya Buddhadatta Pali Promotion Foundation   No comments

 पालि-पक्खुस्सवो (पालि-पक्षोत्सव)

Pali-fortnight
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17 सितम्बर, 2020 से 01 अक्टूबर, 2020
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।। सुखं पालिभासाय अज्झेनं, सुखं च परियत्ति-सासनं ।।
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देवमित्त अनागारिक धम्मपाल बौद्ध-पुनर्जागरण के सूत्रधार के रूप में जाने जाते हैं। उनके द्वारा किये गये कार्यों का भारतीय समाज पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने भगवान् बुद्ध की धरती भारत में बुद्ध को पुनः लौटाया है। बौद्ध-धम्म के प्रसिद्ध तीर्थ-स्थानों की विमुक्ति और संवर्धन के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया था तथा अनेक जन-कल्याणकारी कार्य किये। पालि भाषा और बौद्ध विद्याओं सहित धम्म के पुनर्जागरण में उनके महान् योगदान को देखते हुए हम भारतवासी उनके प्रति कृतज्ञ हैं तथा उनके जन्म-दिनांक 17 सितम्बर को “विस्स पालि गारव दिवस” (विश्व-पालि-गौरव-दिवस) के रूप में मनाते हैं। इस दिन से 15 दिनों यानि एक पखवाड़े तक यह ‘पालि-पखवाड़ा’ रूपी उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
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इस वर्ष भदन्ताचार्य बुद्धदत्त पालि संवर्धन प्रतिष्ठान के द्वारा 17 सितम्बर, 2020 से 01 अक्टूबर, 2020 तक यह "पालि-पखवाड़ा" पूर्ण उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कोरोना के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जूम एप के माध्यम से यह पालि-पखवाड़ा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।
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पालि-पखवाड़ा वस्तुतः एक पालि-उत्सव है तथा इसके अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जाने सुनिश्चित किये गये हैं। इसके अन्तर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी, धम्म-लिपि पर संगोष्ठी, विद्यार्थियों के लिए पालि-प्रतियोगिताएँ, पावन भिक्खु-संघ की देशनाएँ, पालि-विभागाध्यक्षों का सम्मेलन, पालि-शिक्षक सम्मेलन, पालि-संस्कृति-पर्व, पालि विद्वानों का सम्मान, धम्म-देशना, पालि-संगोष्ठी तथा विशिष्ट-व्याख्यानमाला आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।
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इस पालि पखवाड़े में आपकी सहभागिता प्रार्थनीय है।
-संयोजक, पालि-पक्खुस्सवो 2020









Sunday, 23 August 2020

On August 23, 2020 by Bhadantacharya Buddhadatta Pali Promotion Foundation   No comments
तृतीय-स्तर की पालि-परीक्षा देने के लिये निम्न लिंक का प्रयोग करें-

https://forms.gle/36SckmDBdikGzMMh8 





On August 23, 2020 by Bhadantacharya Buddhadatta Pali Promotion Foundation   No comments

 Prafull Gadpal, [22.08.20 15:05]

ऑनलाइन पालि-शिक्षण अध्ययनशाला

गूगल-मीट ऑनलाइन पालि परिचयात्मक शिक्षण :  भाग 1

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पालि-मित्रो, 

भदन्ताचार्य बुद्धदत्त पालि संवर्धन प्रतिष्ठान के द्वारा पालि के परिचयात्मक ज्ञान और बेसिक पालि शिक्षण हेतु Google Meet (गूगल-मीट) के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षण की अध्ययनशाला का आयोजन किया जा रहा है. इस अध्ययनशाला में टेलीग्राम के Pali Promotion Foundation में अब तक पढ़ाये गये 50 पाठों का पुनरीक्षण तथा अध्यापन किया जायेगा तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों, समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जायेगा.

-: कार्यक्रम :-

दिनांक : 23 अगस्त, 2020 

दिवस : रविवार 

समय : प्रातः 11:00 से दोपहर 01:00 बजे तक 

स्थान: ऑनलाइन मीटिंग (मोबाइल फोन, लैपटॉप, आई-पैड, कंप्यूटर या अन्य डिवाइस जैसे गैजेट्स के माध्यम से भाग ले सकते हैं।) 

नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से गूगल-मीट ऑनलाइन शिक्षण अध्ययनशाला में शामिल हो सकते हैं : 

Meeting URL: https://meet.google.com/vnq-cwie-yoi

कृपया ध्यान दें :- 

1. ऑनलाइन पालि-शिक्षण अध्ययनशाला के सुचारू संचालन हेतु अनुशासित तरीके से भागग्रहण करें.

2. प्ले-स्टोर से आप Google Meet डाउनलोड करें. 

3. प्रतिभागियों के मोबाइल/लैपटॉप में Google Meet इंस्टॉल होना आवश्यक है.

4. प्रतिभागी अध्ययनशाला में अपना नाम अवश्य लिखें.

5. आपको अब तक टेलीग्राम ग्रुप में पढ़ाये गये पालि-पाठों का संक्षेपतः अध्यापन किया जायेगा तथा विविध पालि-व्याकरणांशों पर परामर्श प्रदान किया जायेगा. 

6. दो घण्टे चलने वाली इस कक्षा में आखिरी आधे घण्टे में आप पालि-विषयक प्रश्न पूछ सकते हैं. इसमें आपकी जिज्ञासाओं, प्रश्नों एवं व्याकरण-सम्बद्ध समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जायेगा.

7. कृपया अध्ययनशाला के दौरान बनियान या लुंगी पर न रहते हुए, अच्छी वेशभूषा में रहें.

8. कृपया लेटकर या अजीबोगरीब हालत में अध्ययनशाला में शामिल न हों.

9. कृपया गूगल-मीट कक्षा में जुड़ते समय अनुशासन का पालन करते हुए आडियो-विडियो Off (बन्द) रखें तथा Present का विकल्प न दबायें, ताकि सुचारु तरीके से कक्षा का संचालन किया जा सके.

10. जब आपको कोई प्रश्न पूछना हो, तब आप आडियो-विडियो On (चालू) कर सकते हैं.

11. आप नीचे दी गई लिंक से You-tube और Facebook से भी जुड़ सकते हैं-

You-tube - https://www.youtube.com/channel/UCmuV4uBdNsiZe8NbfnfdMoA

Facebook - https://www.facebook.com/prafull.gadpal

Google Meet App Support: Google Meet App से संबंधित किसी भी प्रकार की मदद के लिए, कृपया नीचे दिए गए व्यक्तियों से संपर्क करे:

Bharat Wankar – 90752 29668

Ashish Gadpal – 88398 71961

Ankit Wasnik – 81260 03983

आपका पालि-मित्र

Dr. Prafull Gadpal

81264 85505


Meeting URL: https://meet.google.com/vnq-cwie-yoi



On August 23, 2020 by Bhadantacharya Buddhadatta Pali Promotion Foundation   No comments

 https://www.youtube.com/channel/UCmuV4uBdNsiZe8NbfnfdMoA


Pali Darshan Channel Live Stream

Live

Friday, 14 August 2020

On August 14, 2020 by Bhadantacharya Buddhadatta Pali Promotion Foundation   No comments


दुतिया पाळि-परिक्खा
(द्वितीय पालि-परीक्षा)
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पालि-प्रमोशन-फाउण्डेशन (Pali Promotion Foundation) द्वारा
आॅनलाइन स्तर पर पालि-परीक्षा
द्वितीय-चरण





Saturday, 8 August 2020

On August 08, 2020 by Bhadantacharya Buddhadatta Pali Promotion Foundation   No comments

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पाळि-परिक्खा (पालि-परीक्षा)
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1. 8 अगस्त, 2020 को रात्रि 8.00 बजे टेलीग्राम के पालि-प्रमोशन-फाउण्डेशन (Pali Promotion Foundation) ग्रुप के माध्यम से एक ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया जायेगा।
2. अब तक के पाठों में आपने जो कुछ सीखा है, उसके आधार पर ही यह परीक्षा आयोजित होगी।
3. यह परीक्षा चार चरणों में होगी। प्रत्येक चरण में 25 प्रश्न पूछे जायेंगे। परीक्षा का स्वरूप बहुत ही सरल होगा तथा आप अपने फोन के द्वारा ही उक्त परीक्षा दे सकते हैं। आपको सही उत्तर, लघु प्रश्नोत्तर, रिक्त-स्थान की पूर्ति, सही/गलत-इत्यादि प्रविधि के छोटे-छोटे प्रश्न पूछे जायेंगे। अतः आप अब तक के समस्त पाठों का ठीक प्रकार से अध्ययन कर लें।
4. 8 अगस्त, 2020 को प्रथम चरण की परीक्षा होगी।
5. इस सूचना को पढ़कर आप पालि-प्रमोशन-फाउण्डेशन (Pali Promotion Foundation) ग्रुप में अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें। यदि आप उक्त परीक्षा को देने के इच्छुक है, तो लिखें-
I want to take Pali Grammer exam – (Your name and Mobile number)
6. परीक्षा की Link 8 अगस्त, 2020 को रात्रि 8.00 बजे टेलीग्राम के पालि-प्रमोशन-फाउण्डेशन (Pali Promotion Foundation) ग्रुप के माध्यम से प्रदान की जायेगी।
यदि आप पालि सीखना चाहते हैं, तो टेलीग्राम एप्प डाऊनलोड करें और नीचे दी गई लिंक से ग्रुप से जुड़ जायें-
अपना तथा अपनों का ध्यान रखें और सुखी रहें।
!!! भवतु सब्बमंगलं !!!
सबका मंगल हो
साधुवादो
- डाॅ. प्रफुल्ल-गडपालो
81264 85505


Quiz Link

https://forms.gle/Eay8pTncPJAv3VTPA